बदलते भारत की तस्वीर

नमस्कार दोस्तो,

काफी दिनों बाद आपसे कुछ बात करने का मन हुआ है , हमेशा कविताएं लिखता हूँ , मगर कुछ बातें सीधे आप सबके समक्ष रख सकूँ इसलिए आज कोई कविता नहीं लिखूंगा !

जैसा कि आपने शीर्षक पढ़ा होगा तो आपमें से बहुत लोगों को लग रहा होगा कि मैं  भी मोदी जी के तीन साल के काम गिनाने जा रहा हूँ |नहीं ऐसा कुछ नहीं है! अगर अपने देश के विकास की बात करनी होती तो मैं इंग्लिश में लिखता ताकि विदेशी लोग भी हमारे विकास को देखें और भारत को जानें !

आज कुछ ऐसी बातें हैं जो घर परिवार में ही करनी चाहिए क्योंकि पड़ौसी जानेंगे तो उन्हें मजाक बनाने के लिए बढ़ावा मिलेगा|

खैर मुद्दे की बात पर आता हूँ अब ! रोज हम खबरों में रेप की खबरें पढ़ते हैं , कल मैंने भी ऐसा कुछ पढ़ा जिससे मुझे बहुत सारे विचार आये|

वो विचार चरम पर थे मगर कल मैं कुछ नहीं लिख पाया क्योंकि कल आज मेरा एग्जाम था तो सोचा अब लिखूं वो सब बातें |

कल मेरा कुछ और लिखने का मन था मगर आज कुछ और लिखने जा रहा हूँ, हमारे १२५ करोड़ की आबादी वाले देश में,

हम टेक्नोलॉजी में इतने आगे बढ़े हैं कि रुपये का दाम कम होने के बावजूद हमारे यहां की IT  कम्पनीज विदेशों को कमाई के मामले में टक्कर दे रही हैं, आज भारत में लगभग हर युवा के पास स्मार्टफोन है ,फिर चाहे वो युवा कोई अमीर बाप का बेटा है या फिर वो कबाड़ा बीनने वाला बस्ती का बच्चा ! हमारी जीडीपी आज कई बड़े देशों से ऊपर जा रही है| मगर अफसोस की बात है साहब तरक़्क़ी हमने सिर्फ टेक्नोलॉजी में की है ,मानसिकता हमारे भारत की आज भी गहरी खाई में पड़ी है |

१२५ करोड़ की आबादी वाले भारत में आज जब किसी के साथ गैंग रेप होता है तो

 समाज में उसे छुपाया जाता है , 

कानून में उसे तारीखों में बढ़ाया जाता है !

राजनीति में उसे भुनाया जाता है ,

युवाओं में उसे सोशल मीडिया का मुद्दा बनाया जाता है |

Img- http://timesofindia.indiatimes.com/thumb/msid-57240710,width-400,resizemode-4/57240710.jpg

 चारों दृष्टिकोण की बातें मैं आपसे करूँगा ,

तो सबसे पहले आते हैं समाज पर –

ये वही समाज है, जो सड़क पर चीखती हुई लड़की की तरफ से मुंह फेर कर बगल से निकल लेते हैं और बाद में यही लोग लोक लाज की बातें बनाते हैं|

ये वही समाज है ,जहां छुपकर सेक्स करना और रिश्तों को शर्मसार करना , महिलाओं को गंदी नज़र से देखना ये सब जायज़ है क्योंकि छुपकर करते हैं ना! बस वहीं उस रेप पीड़िता को दोषी नजरों से देखेंगे खुद तो कुछ करेंगे नहीं, उसके घर वालों को भी कानून की मदद लेने से रोकेंगे |

ये वही समाज है जहां १०-२० गर्लफ्रैंड /बॉयफ्रेंड रखने के बावजूद अंत में घर वालों की पसंद लड़के /लड़की से शादी करने वाले इंसान को शरीफ इज्जतदार समझा जाता है और एक प्रेमी जोड़े को पहले प्यार में पड़ने के बाद शादी कर लेने से उन्हें दोषी , निर्लज़्ज़ समझा जाता है क्योंकि उन्होंने अपने जाति में शादी नहीं की, या फिर घर वालों की पसंद से शादी नहीं की !

अब आते हैं कानून की बात पर तो आप सबको पता है पुलिस वाले भी इंसान हैं कोई जीपीएस सिस्टम नहीं जो सब कुछ देख रहे हैं और सेकण्ड्स में घटना स्थल पर पहुंच जाएं |और बाद की कार्यवाही आपको पता है ! मानवाधिकार , कोर्ट कचहरी और तारीखें अब इसके लिए आप संविधान को दोष दें या फिर खुद अपने आप को |

राजनीति पर आने से पहले, मैं युवाओं की बातें करना चाहूँगा क्योंकि किसी भी देश की रीढ़ होता है युवा !

हमारे भारत का युवा आज इतना जागरूक है कि वो हर खबर पर अपने विचार देता है |पूरे आईपीएल हम लोग टीवी पर ऐसे डटे रहते हैं ,जैसे सीमा पर जवान ! फिर चाहे वो मोदी भक्त युवा हो या केजरी भक्त सब अपने अपने नेता की तारीफों के पुल बांधते हैं |ट्विटर,एफबी व्हाट्सएप्प ये सब अड्डे हैं हमारे कोई भी खबर सेकण्ड्स में वायरल ! फिर चाहे सीरिया में लोग मारे गए हों या सेना का जवान शहीद हो हम लोग तुरंत रिप लिखकर दुख जाहिर करते हैं |स्नैपचैट को आइना दिखाना हो या फिर मूवीज को बैन कराना हो ,हम सब एकजुट होकर अपनी देशभक्ति प्रदर्शित करते हैं| खैर ये सब सोशल दुनिया की बातें थीं जिसमें सोशल जैसा लेश मात्र भी कुछ नहीं है| असल जिंदगी में हम माँ बाप को भी समय नहीं देते , हमारे पास सोशल वर्क करने के लिए समय नहीं होता मगर कुछ युवा हैं जो धर्म के लिए हत्या तक कर देते हैं , कुछ युवा हैं जो आरक्षण के लिए सब तहस नहस कर देते हैं ,हाँ! कुछ युवा हैं, जो अपने धर्म को बढाने के लिए दिन रात एक कर देते हैं तो मेरा एक सवाल है उनसे और सोशल मीडिया यूज़र्स से ,

आप लोग एक रेप होने के बाद कहाँ चले जाते हो ?

तब आपकी उग्रता , जोश कहाँ जाता है तब तो कभी आप कोशिश नहीं करते आरोपियों को दंड देने की !

तब क्यों आप पुलिस का मुंह देखते हो ?

और अगर संविधान को इतना ही मानते हो तो जाती धर्म के लिए क्यों संविधान की बातों को नहीं मानते |

खैर अब आते हैं राजनीति पर ,

आपको एक उदाहरण दूंगा अपनी बात को समझाने के लिए !

मानो दुर्भाग्यवश कोई रेप की घटना घटी देश के किसी कोने में तो उसे राजनीतिक तौर पर किन नजरियों से देखा जाएगा

सबसे पहले पता लगाओ वो घटना गांव में घटी है या फिर किसी बड़े शहर में , अगर गांव में तो उसे दबा दिया जाए एक दो दिन में और अगर शहर में घटी है तो न्यूज़ हेडलाइंस में चढ़ाओ और पता लगाओ राज्य कौन सा है? अगर बिहार है तो लालू नीतीश को दोष दो सारे राजनेता और अगर उत्तर प्रदेश है तो अखिलेश या फिर अब योगी को निशाना बनाओ अगर दिल्ली है तो मोदी को कोसो सारे के सारे !

हाँ एक बात तो भूल ही गया , 

धर्म जाति का पता तो लगाया नहीं आपने !

देखो वो जाट है या ठाकुर, पंडित, दलित या फिर मुसलमान कौन है वो ?

अगर दलित है या फिर मुस्लिम है तो गाड़ियां रवाना करो , अब दो चार दिन उन्हीं के घरों पर रोटियां सेंकनी हैं और अगर वो दलित या मुस्लिम नहीं हैं तो मरने दो सालों को !

असलियत में किसी से भी हमदर्दी नहीं है , उन्हें ना न्याय से मतलब उन्हें बस अपने पॉइंट्स बढ़ाने हैं वोट बैंक के मार्किट में !

देश में सेक्युलरिज्म बढ़ गया है ,लोग कट्टरवादी हो गए हैं ! धार्मिक स्वतंत्रता नहीं रही !

ये सब राजनेताओं के भाषण हैं जिन्हें ऎसी कार में घूमने के अलावा कोई और काम नहीं है |

उनसे ये पूछो धर्म जात के आधार पर आप लोगों ने बांटा हुआ है !दंगे , कट्टरता सब आप फैलाते हो और हमें ही बता रहे हो कि भारत में सेक्युलर लोग हैं |

इसके लिए किसी ने खूब शेर मारा था , 

“सियासतें आवाम पर क्या खूब अहसान करती हैं,

पहले आंखें छीन लेती है फिर एनकें दान करती है |”

बस आज के लिए इतना ही अब मैं पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहा हूँ !

रेप के बाद कुछ ऐसी स्थिति होती है !यही है बदलते भारत की तस्वीर , मैं कोई सलाह या ज्ञान नहीं बांटने आया क्योंकि सभी समझदार लोग हैं , सभी सोशल मीडिया यूज करते हैं !

तो फिर ये रेपिस्ट कौन हैं? किसी और दुनिया से आते हैं क्या ये लोग ?

इसलिए मैं कोई ज्ञान नहीं दूंगा क्योंकि सोशल मीडिया पर बोलने से कोई बदलाव नहीं आएगा अगर करना है तो प्लीज सोशल मीडिया में से सोशल और मीडिया दोनों को अलग कर दो !फर्क समझो इनमें , शायद तभी कुछ हो पायेगा|

खैर अब मैं शब्दों लो विराम देता हूँ ,मेरा मकसद सिर्फ आप लोगों से सीधे दिल की बात करने का था तभी आज मैं काफी दिनों बाद यहां आया अब मेरे एग्जाम खत्म हो गए हैं!

आप सभी लोग कैसे हैं , कमेंट के माध्यम से सभी अपने विचार जरूर देना! क्योंकि ये मेरा कोई व्याख्यान नहीं था, ये मेरे अपने विचार थे और मैं आप सबके विचार भी जानना चाहूँगा |

धन्यवाद!

©Confused Thoughts