जैसा आपने पिछले पत्र में पढा था कि प्रेमिका रूठकर व्यंगपूर्ण पत्र लिखती है और जब यह पत्र उसके प्रेमी को मिलता है तो वो अपनी प्रेमिका को मनाने और भरोसा दिलाने के मकसद से पत्र का प्रेमपूर्ण जवाब लिखता है मगर मस्तिष्क में चलते गणित के कारण कैसे उसके विचार पत्र के माध्यम से निकलते हैं पढ़िए –

IMG source – http://i.huffpost.com/gen/1178281/images/o-LETTER-TO-EX-facebook.jpg


प्रेमी  अपनी प्रेमिका से –

प्रेमिका मेरी ओ प्राण प्यारी!

तुम्हे एक पल हृदय से ना दूर किया है ,

तुम्हारा और मेरा संग तो रसायन विज्ञान में जल बनाने की प्रक्रिया है !

जैसे हाइड्रोजन नहीं छोड़ सकती ऑक्सीजन का संग,

भगवान ने ऐसा रचा है ,हमारा प्रेम प्रसंग|



दुविधा सुनो मेरा क्या हाल हुआ है,

पूरा समय गति के समीकरणों में उलझ गया है !

कभी बल लगाकर पढ़ाई की दिशा में बढ़ता हूँ,

कभी तुम्हारे प्रेम की क्रिया प्रतिक्रिया से पीछे तुम्हारी दिशा में खींचता हूँ|


मेरे विचारों का पाई ग्राफ उलझ जाता है ,

ये Tan@  के मान की तरह कभी ऋणात्मक अनंत तो कभी धनात्मक अनंत तक जाता है !

मेरे ग्राफ रूपी जीवन में सारे मान अस्थिर हैं ,

मगर तुम्हर स्थान मेरे हृदय में पाई(π) के मान की तरह स्थिर है|



मेरे दिन की व्यस्तता लघुत्तम समपवर्त्य (H.C.F )  जैसी है ,

मेरे कॉलेज का समय भाजक(Divisor) की तरह पूरे दिन रूपी भाज्य(Dividend) समय को बड़े भागफल(Quotient) से विभाजित करता है !

और फिर वो शेषफल भाजक का रूप धारण कर लेता है ,

बस यही प्रक्रिया अंत तक चलती है !

जब तक शेषफल(Remainder) रूपी समय शून्य ना हो जाये,

अब बताओ ऐसे में पत्र लिखने का समय कहाँ से लायें|



तुम्हारी यादें मेरे लिए गुणांक(Coefficient) के जैसी हैं ,

जो दिन प्रतिदिन मेरे प्रेम को ,

गुणनफल(Resultant) के रूप में कई गुणा वर्धित करती हैं !

तुम्हारे अलावा किसी और लड़की के बारे में सोच भी नहीं सकता ,

क्योंकि तुम्हारे अलावा बाकी सबकी छवि मेरे विशाल मान रूपी हृदय में दशमलव के बाद आने वाले तीन बिंदुओं जैसी है |



हमारा अलगाव , भटकाव सब काल्पनिक मान हैं ,

जो हमारे प्रेम रूपी वास्तविक मान के आगे कहीं नहीं रह जाता !

ये सब मोह माया मुझे कितना भी भ्रमित करें ,

मगर तुम्हारे शून्य रूपी शक्तिशाली प्रेम से विभाजित होकर सब शून्य में मिल जाता है |



.

परिस्थितियों ने मुझमें से तुम्हें घटाकर ये सोचा कि प्रेम का मान कम हो जाएगा !

मगर परिस्थितियों को हमारे बारे में अभी पता ही क्या है ?

शून्य को घटा लो चाहे जोड़ लो कितना भी !

हमारे प्रेम का मान तो फिर भी वही स्थिर(Unchanged) आएगा |


अब मैं अपने शब्दों को विश्राम देता हूँ,

अपने गणित के सिद्धांतों को विराम देता हूँ |


प्रेम पत्र-1

©Confused Thoughts

अपने महत्वपूर्ण विचार देना ना भूलें !

धन्यवाद !

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53 thoughts on “प्रेम पत्र २(पत्र का जवाब)

  1. Kya baat kyaa baat…….ham kaise kahen ki kitna achha lagaa…..waah….तुम्हारा और मेरा संग तो रसायन विज्ञान में जल बनाने की प्रक्रिया है !

    जैसे हाइड्रोजन नहीं छोड़ सकती ऑक्सीजन का संग,

    भगवान ने ऐसा रचा है ,हमारा प्रेम प्रसंग|

    Liked by 1 person

    1. सर आपका इतना उत्साहवर्धक कॉमेंट पढ़कर जोश आ जाता है और भी अच्छा लिखने के लिए प्रेरणा मिलती है
      मैं माफी चाहूँगा आपकी कविताएं नहीं पढ़ पा रहा हूँ एग्जाम चल रहे हैं
      उनके खत्म होते ही मैं आप सभी की कविताएं पढूंगा
      धन्यवाद !

      Like

      1. आप बढ़िया से परीक्षा दें—–इससे बड़ा कुछ भी नहीं—–कविताएं तो हम पढ़ते ही रहेंगे। आपने गजब का लिखा है—-गलती आपका हम आपको एवं आप हमें बताएं और जाहान तारीफ़ की बात है कंजूसी कैसा—-बहुत बढ़िया।धन्यवादल

        Liked by 1 person

  2. Bhai, mai toh tumhari kayal ho gayi hoon! I don’t know if this was supposed to be funny, but it made me laugh all the way to the end, just like the first part. But beech mein main thod confuse ho gayi thi. Kya hai ki maths kabhi meri achhi thi nahin. And by God! I did not know that those mathematics terms are called as such in Hindi… What a revelation! Too good, dude! Iske aur bhi parts aayenge kya?

    Liked by 1 person

    1. 😁😁😁actually ye funny thi ya boring thi mujhe bhi Ni PTA
      Mera moto Tha aisa Ek letter likhna jisme mathmatical terms use ho aur vo b pure Hindi m
      To bss kuch purane words yaad krk piro diye
      Nahi iska koi next part Ni ayega ye hi likhna Tha mujhe ! Vo first part to story bnane k liye likhna pda Tha
      Haan letter based poetry aur bhi bna skta Hun BT abi koi nya concept mind m Ni h Aur Purana repeat Kro to bilkul mja Ni ATA hai
      Btw
      Thank you so much di
      AP apne motivational words SE mujhe aur likhne k liye nyi energy deti Hai
      और इतने अचंभित होकर तारीफ करके मुझे मुस्कुराने का एक मौका देती हो !
      धन्यवाद

      Liked by 1 person

      1. You’re most most welcome. Bhai tum toh achhe khase hasya kavi bhi ban sakte ho. Zara sochna iske bare mein kabhi. I thoroughly enjoyed these posts. In fact I’m going to reblog them. May I have your permission please? But I’ll have to club these two together so readers can read it in one go. How does that sound to you?

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      2. Actually u always make me feel special !
        So sweet of u di
        Aapse phle BHI bola Tha just pick up
        Jo BHI apko guest post m publish KRNa Hai
        Mera koi copyright Ni Hai 😀😀.
        Hindi Kavita open source Hai
        Mai khud chahta hu jyada SE jyada log pdhen
        Thank you so much di itni sari tareef k liye
        Haan abhi tk hasya Jesi Kavita to Maine Ni likhi BT AB ap kh rhi ho to koshish jrur krunga

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      3. Zaroor karna. Okay then tumhari yeh dono kavitayein mere blog pe Saturday ko published ho jaayegngi. Time toh mai nahin bata sakti, lekin since kal Guest Post Friday’s hai isliye main tab publish nahin karna chahit varna traffic and readership post ke beech mein bat jata hai. Chalega na?

        Liked by 1 person

      4. Lol! इतनी गुस्ताखी़ मैं नहीं करूंगी लेकिन शनिवार को बाकायदा तुम्हारा post publish हो जाएगा 😊

        Liked by 1 person

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