बोध कथा – Guest Post Invitation to all 

Note- please scroll and start reading after Hindi paragraph if you are not able to read Hindi . 

नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सब लोग 

आशा करता हूं आप सभी अच्छे होंगे और अपने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट कर रहे होंगे अगर नहीं कर रहे तो मुबारक हो मैं भी आपमें से एक हूँ 

आप सबकी लगभग सभी पोस्ट में पढ़ता हूँ चाहे वो में कॉलेज जाते बस में पढूं या फिर ऑटो में बैठे बैठे आपकी कविता पढ़के मुस्कराता हुआ हॉस्टल जाऊं या फिर वो लैब में थोड़ा भी समय मिला तो आपकी पोस्ट पढ़के मुझे फिर से उमंग उठती है कुछ लिखने की मगर लिखने के भाव मर चुके होते हैं जब मैं 8 बजे का गया हुआ 6:3० बजे शाम को रूम में आता हूँ मगर आज शनिवार और रविवार को मेरा अवकाश रहता है तो कुछ लिखने का मन करता है सो तो आज कुछ लिखने की कोशिश कर रहा हूँ-

दरअसल बात यह है कि हम सभी अपने अपने कार्यक्षेत्र में दौड़ रहे हैं हमे खुद नहीं पता चला कब हम छोटे से इतने बड़े हो गए कब हमारा बचपन निकल गया और जवानी आ गयी और आगे भी नहीं पता चलेगा कब बुढ़ापा आ जायेगा 

कितने लोग पीछे छूट गए पता नहीं , कितनी यादें हैं हमारे पास 

इन सबके बाद भी हमे बचपन याद आता है जो अब वापस नहीं आ सकता , शायद अब आप बड़े हो गए हैं इसलिए बच्चे बनोगे तो अजीब लगेगा 

खैर आज में कोचिंग जा रहा था तभी मुझे स्कूल की एक स्मृति याद आयी , जब हमारे स्कूल में प्रार्थना होती थी तो सबसे पहले सरस्वती माँ के सामने दीप प्रज्जवलन होता था और प्रज्वलित करने के लिए कोई अतिथि बुलाया जाता था या फिर कोई छात्र बुलाया जाता था मगर उसमे एक शर्त होती थी जो भी दीप जलायेगा उसे एक लघु बोधकथा सुनानी होगी, बोध कथा जैसा की नाम से पता चलता है जिसमे कोई शिक्षा हो मतलब बच्चों को कुछ सीखने को मिले 

तो मैंने खूब बोधकथाएँ सुनी थी बचपन में मगर आज बहुत कम याद हैं बाकि भूल चुका , फिर आज ख्याल आया क्यों ना उन्हें ब्लॉग पर लिखा जाये फिर लगा मै अकेला क्यों आप सब भी तो बचपन में कहानियां पढ़ते थे , तो आप भी तो मुझे फिर से वो कहानी सुना सकते हैं छोटा हूँ यार बच्चा समझ के सुना देना 😁

बस इस बार अंत में मोरल भी देना होगा ताकि बच्चे कुछ सिख सकें , 

अगर आपको आईडिया पसंद आया तो मेरी ईमेल पर अपनी स्टोरी सेंड कर सकते हैं और में वीकली एक बोधकथा पोस्ट करूँगा. 

प्रारूप –

१- अपना लघु परिचय ताकि में लोगों को आपके बारे में बता सकूँ 

२- कथा (प्रयास करना कम शब्दों में )

3- शिक्षा (मोरल )

आप अपने किसी दोस्त को भी शेयर कर सकते हैं जरूरी नहीं वो कोई ब्लॉगर हो !

ईमेल – shubhankarsharma428@gmail.com
Hello guys !

Hope you all are doing well !

I know some of you were amazing reading the above part , I am sorry I want to send this message to all that’s why I have to write this again because you all are also special to me (mostly people who are from other countries )

Actually today I was thinking about my school days , you also do miss your school days 

One thing still comes to my mind when we finished our prayer session in school after that our teachers , or any guest or any student took the small time to tell something , mostly all guests had to tell a short story to all student and at the end of story he/she had to give a moral of story (with positive message ) .

It is called “Laghu-katha” in Hindi लघुकथा as I discussed above Laghu-katha means a short story which is meaningful as well as it contain a learning message to children’s . 

It was all about child development . 

So today I thought that why not ! I should start posting those stories , I think you all want to refresh your childhood , you also did read alot short stories even you still remember why don’t you collaborate with me , oh if you think it’s good idea then get ready , we will start posting one story on Sunday and you can send your story to my email 

Format will be like – 

1- your small intro (it will be helpful to me with the help  of it can introduce you )

2- short story (try to tell in minimum words )

3- moral of story (in simple words (child can learn ) 

Email me – shubhankarsharma428@gmail.com 

Please share this invitation with your friends who are new on WP and also can invite non blogger .

Thank you !

Don’t forget to give your views , put comment in comment box 

Love you all 

Bye

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15 thoughts on “बोध कथा – Guest Post Invitation to all 

      1. Koi baat Ni JB apko free time ho you can give a small story Jo bachpan m suni ho 😉actually mera Moto Sirf bachpan ki Yadon ko taza KRNa AUR sazha KRNa h sbke sath
        AUR may be ye stories bachhon k liye BHI useful ho skti hain aisa mujhe lgta hai 😉

        Liked by 1 person

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