रंग_ए_चमन-1

​चैन और सुकून से भरा था मुहल्ला,

आवाम_ए_हिन्द बडी मौज में रहती थी|


महफिल_ए_शायरी करते थे लोग वहां,

मुशायरे में होती थीं रौनकें जहां की!

कोई शमा मुजलिस में मशगूल होती थी|


मुफलिसी में रहते थे वो फकीर वहां के,

मगर उनकी बातों में भी अमीरी सी होती थी|


हुस्न_ए_अदा थी तहजीब में उनके,

तालीम की पहचान भी अदब बातों से होती थी |


एक बाज की नजर_ए_बाद थी  बस्ती पर ,

उसे आवाम के चैन अमन से तकलीफ सी होती थी|


कुदरत का बदस्तूर जमाने पर नागवार गुजरा,

उस बाज ने कुछ नापाक तरकीब सी सोची थी|


एक जगह थी सबके पानी पीने की,

जहां मुहब्बत अदब से सबकी भरपाई होती थी|


मजहबी जहर को मिलाया था पानी में ,

अब पानी की जरूरत तो लगभग सभी को होती थी|


पानी पीना जंग_ए_मैदान बन गया ,

अब पानी  के लिए लोगों में तकरार सी होती थीं|


धीरे धीरे जहर असर दिखाने लगा था,

बाज की तरकीब अब कामयाब हो रही थी|


तकरारों का सिलसिला रफ्तार से बढा फिर,

अब मौका_ए_वारदात पर मौंते भी हो रही थी|


पैगाम_ए_अमन तो ख्वाबों में भी नहीं था,

महफिलों में भी अब नफरत_ए_दास्तां होती थी|


अमन और मुहब्बत तो सब किस्से बन गये,

अब तो रातें भी वीरानियों के मंजर में सोती थीं |


खौफ_ए_खुदा तो गुमनाम सा हो चला अब,

बाजों की चापलूसी अलग अलग खेमे में होती थी|


दीवार_ए_मजहब अब जमाने पर छाया था ,

इन्सान की पहचान अब मजहब से होती थी |


मैं भी इंसान था उस बस्ती का ऐ बाज,

मेरी आवाम_ए_हिन्द बडे चैन से सोती थी|


क्या बिगाडा था तेरा इस उजडे चमन ने?

तुझे मेरे वतन से यूं तकलीफ क्यूं होती थी?

 

चापलूस बहुत बन चुके थे बाज के अब तक,

मेरी बातों से अब जहां को कोफ्त सी होती थी||


 नहीं करना चाहता था मैं पैरवी इस मुकदमे की,

मगर अल्फाजों की अजमाइशें  बडे जोरों से होती थीं||


………….to be continue 

(अगला भाग आपके आदेश पर प्रकाशित होगा)




©Confused Thoughts

उर्दू का ञान बहुत कम है फिर भी एक विफल सा प्रयास किया है अपनी राय अवश्य देना आपकी राय महत्वपूर्ण है!





Advertisements

10 thoughts on “रंग_ए_चमन-1

      1. नहीं मेरा ध्यान कविता में था 😂😂
        मगर जब अनुभवी लेखकों की प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो जायें तब दिल बाग बाग जरूर हो जाता है

        Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s