रिश्तों का दायरा (Scope of relationships)

नमस्कार दोस्तो hello guys 

वो कहते हैं ना इन्सान कितनी भी भाषाओं में लिख,बोल व सुन सकता है मगर सोचता अपनी मातृभाषा में ही है| (सबकी बात नहीं कर रहा सिर्फ अपने विचार रख रहा हूं 😁)

आज मैं सीधे मुद्दे पर आता हूं , जैसा कि मेरा आज का शीर्षक है रिश्तों का दायरा जैसा कि आप सब अच्छी तरह जानते हैं! रिश्तों का कोई दायरा नहीं होता , चाहे वो बाप बेटे का रिश्ता हो ,चाहे भाई भाई का रिश्ता हो , मां बच्चों का रिश्ता हो इन सबकी कोई सीमा नहीं होती ! इन रिश्तों में प्रेम बिना किसी लालच के किया जाता है !खैर मैं उलझा रहा हूं अब आपको मेरा विश्वास करो ,मैं आपको भ्रमित करना बिल्कुल नहीं चाहता मगर हमने बचपन से ही सफाई देना सीखा है मतलब अपनी कडवी बात को ऐसे रखो जैसे जहर के ऊपर से चाशनी की परत चढा दी हो!वही मेरे दुर्गुणों में सम्मिलित है|

जैसा कि आप सबको पता है अंग्रेजी कैलेण्डर का नववर्ष प्रारम्भ होने वाला है, चारों ओर बधाईयां , कार्ड, मैसेज, ऑफर्स का तांता लगा हुआ है| मैं भी बहुत प्रसन्न था क्योंकि मुझे भी अपने सभी मित्रों, सम्बन्धियों को बधाईयां देनी थी | जैसा कि आप सबको पता है , व्हाट्सऐप, फेसबुक का जमाना है तो मैं भी इन्ही माध्यमों से बधाई के मैसेज सबको भेजना वाला हूं||

अभी मैं इसी विषय में विचार कर रहा था तभी एक और विचार और आया| इनमें से कितने लोगों से मैं प्रतिदिन बात करता हूं ?कितने लोगों से हफ्ते में एक बार बात करता हूं ?फिर सोचा चलो पूरे महीने में देखता हूं कितने लोगों से एक बार भी बात होती है?आखिरकार मैंने पाया 90% लोगों से सिर्फ पर्वों और जन्म दिवस की बधाई के मैसेज आते जाते हैं| इससे ज्यादा इन ढेर सारे नम्बर्स का कुछ भी औचित्य नहीं है| हां मैं गर्व के साथ कह सकता हूं मेरे फोन में २०० कान्टैक्ट हैं , कान्टैक्ट शब्द का मतलब अगर देखा जाये तो हिन्दी अनुवाद सम्पर्क होता है , सम्पर्क का मतलब मिलना जुलना (मुझे पक्का नहीं पता) सम्पर्क करना मतलब किसी व्यक्ति से मिलना! अगर मैं अपने इन २०० कान्टैक्ट की बात करूं तो सम्पर्क की यह परिभाषा कहीं नहीं ठहरा मगर फिर भी मेरा सिम बताता है contact memory is full , space limit is exceed, ऐसा लगता है जैसे फोन बोल रहा है – आप इतने से ज्यादा सम्पर्क सेव नहीं कर सकते , मगर देखा जाये तो क्या फोन सच कह रहा है कि मेरे इतने सम्पर्क सेव हैं या फिर मैं खुद से झूठ बोल रहा हूं ! 

खैर एक बार सोचता हूं, आखिर इतने कान्टैक्ट आये कहां से ? तब मुझे याद आया , जब मैं किसी की शादी में गया था तो वहां कुछ पुराने रिश्तेदार मिले थे, जिन्होने बडी उत्सुकता से अपना नम्बर दिया था और बदलते मैं मेरा नम्बर भी लिया था और पुराने कालेज के दोस्त जिनसे नम्बर सिर्फ इसलिए लिया गया था , अगर भविष्य में कुछ काम होगा तो कॉल कर सकूं ! 

खैर मेरे विचार हमेशा मुझे उलझाये रखते हैं , मेरे विचार पढने के लिए धन्यवाद !

हां याद आया ,

नववर्ष की आपको हार्दिक शुभकामनायें , वर्ड प्रैस मेरे लिए माध्यम है , जहां में स्वतन्त्रता पूर्वक विचार रख सकता हूं ! आशा करता हूं नववर्ष आपके जीवन में ढेर सारी खुशियां लाये ! 
नीचे एक वीडियो की लिंक दी गयी है अगर आपके पास खाली समय हो तो वीडियो अवश्य देखेंगे नहीं तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है ! धन्यवाद 

As you know a person can speak, write, listen different languages but can only think in his own mother tongue(I am not talking about all , I just put my own thoughts)
Today I come straight to the point, as the title of my relationships today as you are well aware of the scope of the relationship is not a circle, whether it be the father-son relationship, a relationship of brothers, mother, children the relationship of all these are no limits! Greed is no love in these relationships? Well, I’m confused now, but trust me, I do not want to confuse you, we have learned from childhood to cleaning means such as poison Put that thing over your Bitter When the layer of syrup retread! that is included in my Durgunon |
As all of you know the English calendar New Year is about to begin, around Congratulations, cards, messages, there is a stream of offers, I was very happy because I have all my friends, relatives had to Congratulations! As you all know, WhatsApp, Facebook is the age of these mediums, so I’m going to send everyone a message of congratulations!
Just when I was thinking about another idea that came, how many people I talk to every day, once a week to talk about how many people, the thought of how many people see it’s a whole month it is time, finally I found only 90% of people are coming festivals and birthday greetings message, a lot more than that these numbers do not justify anything! Yes, I can say with pride that my phone contact 200, contact may be of the Hindi translation of the word means contact, contact means supposed to meet (I’m not sure) means to contact someone to meet! If I do have to contact the 200 beautifully appointed yet, the definition of contact tells my SIM contact memory is full, space limit is exceed, it looks like the phone is speaking – you will not save so much contact can do, but to be seen whether such contact me save phone is really saying that or I’m lying to myself!
Well once I think, where did all these contact? Then I remembered, when I was at the wedding there were some older relatives who had great curiosity and changing their number, I also took my number and number of old college friends that was just because, some will work in the future shall make the call!
Well my thoughts are always engages me, thank you for reading my thoughts!
Yes remembered


New Year wishes you the warmest, Word Press through for me, where I can put thoughts together in freedom! I hope the New Year brings a lot of happiness in your life!

(Actually I am lazy person so i have used Google translator to convert Hindi to English so may be there are lot of mistakes but sorry I can’t help it  )

रंग_ए_चमन-1

​चैन और सुकून से भरा था मुहल्ला,

आवाम_ए_हिन्द बडी मौज में रहती थी|


महफिल_ए_शायरी करते थे लोग वहां,

मुशायरे में होती थीं रौनकें जहां की!

कोई शमा मुजलिस में मशगूल होती थी|


मुफलिसी में रहते थे वो फकीर वहां के,

मगर उनकी बातों में भी अमीरी सी होती थी|


हुस्न_ए_अदा थी तहजीब में उनके,

तालीम की पहचान भी अदब बातों से होती थी |


एक बाज की नजर_ए_बाद थी  बस्ती पर ,

उसे आवाम के चैन अमन से तकलीफ सी होती थी|


कुदरत का बदस्तूर जमाने पर नागवार गुजरा,

उस बाज ने कुछ नापाक तरकीब सी सोची थी|


एक जगह थी सबके पानी पीने की,

जहां मुहब्बत अदब से सबकी भरपाई होती थी|


मजहबी जहर को मिलाया था पानी में ,

अब पानी की जरूरत तो लगभग सभी को होती थी|


पानी पीना जंग_ए_मैदान बन गया ,

अब पानी  के लिए लोगों में तकरार सी होती थीं|


धीरे धीरे जहर असर दिखाने लगा था,

बाज की तरकीब अब कामयाब हो रही थी|


तकरारों का सिलसिला रफ्तार से बढा फिर,

अब मौका_ए_वारदात पर मौंते भी हो रही थी|


पैगाम_ए_अमन तो ख्वाबों में भी नहीं था,

महफिलों में भी अब नफरत_ए_दास्तां होती थी|


अमन और मुहब्बत तो सब किस्से बन गये,

अब तो रातें भी वीरानियों के मंजर में सोती थीं |


खौफ_ए_खुदा तो गुमनाम सा हो चला अब,

बाजों की चापलूसी अलग अलग खेमे में होती थी|


दीवार_ए_मजहब अब जमाने पर छाया था ,

इन्सान की पहचान अब मजहब से होती थी |


मैं भी इंसान था उस बस्ती का ऐ बाज,

मेरी आवाम_ए_हिन्द बडे चैन से सोती थी|


क्या बिगाडा था तेरा इस उजडे चमन ने?

तुझे मेरे वतन से यूं तकलीफ क्यूं होती थी?

 

चापलूस बहुत बन चुके थे बाज के अब तक,

मेरी बातों से अब जहां को कोफ्त सी होती थी||


 नहीं करना चाहता था मैं पैरवी इस मुकदमे की,

मगर अल्फाजों की अजमाइशें  बडे जोरों से होती थीं||


………….to be continue 

(अगला भाग आपके आदेश पर प्रकाशित होगा)




©Confused Thoughts

उर्दू का ञान बहुत कम है फिर भी एक विफल सा प्रयास किया है अपनी राय अवश्य देना आपकी राय महत्वपूर्ण है!





Trip To Kota Rajasthan

​Hello everyone

I am not travel blogger but today I am going to discuss about my small trip , hope it will help you if in future you go to kota (Rajasthan)


One of my sister is preparing for medical exam in Kota so I went there with my cousin brother . My sis did not visit any place there also she was not interested about it as you know  about study freak child 🙂 (because she is preparing for medical).But me and my brother were excited to visit some famous places of kota so first of all I took all suggestions from people after that we started to visit them one by one but lack of time , I visited few of them.

I am going to discuss all those places 

 

CHAMBAL GARDEN-

I thought that chambal garden- will be like a normal garden , different types of flowers and trees will be there , it will be amazing but sadly when I entered , I was shocked because it seemed like very normal park which you can find anywhere or in any city/society .

But when I went to right corner of park ,I was amazed ,there was a beautiful river bank from where you can watch most beautiful scenes . A river which name is chambal ,was flowing silently where I lost myself into river , and I was trying to click the beautiful scenery but my cam was too small to capture that panoramic view only my eyes were witness 🙂 .

I crossed barriers and go to the rock , it was risky but I want to watch closely .I can spend whole day there but we had to move from there . 


7 WONDERS-


I heard alot about this park so I decided to visit that place , when we arrived at gate , I was excited to watch all wonders , honestly it was just dream , wonders were not attractive sorry may be they all are beautiful but I dont think so .

Suddenly I saw a huge bridge there which was hanging on river chambal . I felt “oh god ! Thank you “.  on the bridge there was a ticket counter from where you can do boating but we did not do because I  dont love boating . But the night scene of river chambal was priceless , attractive fountains were stealing my all controls . I wished to watch them closely but I was failed Because they were situated in the center of river , I  also watched a temple  in center . Lights were sparkling there but I was fail to go there , so we decided to watch other part of 7 wonder park .

GAIPERNATH WATERFALL

I am not going to discuss about difficulties how much problems we had to reach that place . Directly I comes to point .

First scene ,

I watched a small temple , sorry I mean normal temple mostly you can watch outside the every village if you ever visit any village of up .so we went close to temple , there was the starting point of ladders , way was going to down . We started descending ladders , you  watch down  , you can see the hilarious scene from ladders Because there was deep trench , or if you lift your eyes , you will feel like biggest rocks are ready to fall . And water was leaking from rocks also leakage was creating small small waterfalls , water was normal , pure and drinkable ,you can take a bath there . When we finished all ladders ,there was a small temple of mahadev , people of Rajasthan come here for their tradition . After visiting temple we did start climbing different different rocks and  was taking pics in different poses , at starting I felt fear about rocks but after some time we were running from one rock to other . That time a idea came to our mind , we should go down at lowest point of trench where all water was storing which leak out from small waterfalls .so we went down .5 km down .here beautiful waterfall was washing our feet , I can’t explain my feeling by words if I try may be it will be insufficient to express that feel . Only those can understand who did/do so now we decided to return back from there so we did start climbing and now feet were too tired but still one thought was coming “oh man I am witness of this beautiful scenery” . 


GARH PALACE- (Kila)

Actually we were walking on street suddenly a fort had appeared, as you know I am history lover and nature lover so I can’t stop my feet so we found the main gate of fort.

Garh is the fort of maharaja bhim Singh who was the emperor of Kota state , when we entered one security person told me that “please don’t take pics and if you want then you will have to purchase another ticket for camera ” . But next scene was heart broken when he said “entry in main fort is not allowed for visitors”. Me and my brother both were sad but he also told that “you can visit museum ” , we went into museum at starting point there were lots of नगाडा (actually I don’t know the English meaning , you cant tell drums because it is too different ) . Long ago , नगाडा was used for announcement purpose means it played a biggest role to start any event ,just cut the crap yaar (मैं गहराई मैं चला जाता हूं):D

After that I watched the सूर्यघडी , जलघडी,ज्योतिष घडी , I knew that long ago our rishi muni had scientific mind they made all types of watch but that day I was witness of truth . Then we entered in first hall of museum you can watch all types of clothes , dresses of king and queen, their make up kits , wonderful chairs , seats , toys of children , different different types of horoscope charts , very old handwritten books(स्मृतियां,उपनिषद,कुछ अन्य रचनायें).

Now we moved to other hall was named as शस्त्रगृह(I am not sure what name was ) 

There was the huge collection of weapons

I saw different designs of bow and arrows , swords were amazing , spears , sharp poniard which are made by gold and silver.

I lost my self , I was thinking about worriers how they handle their weapons and how they do fight to each other ,lots of thoughts were going on . I watched many other old things which can force you to think about past history . Over all it was amazing experience. 

When you enter into fort there is a restaurant ,looks cool but I really don’t know about dishes how good they cook because they did not give any chance , we ordered cold coffee first ,but he told “not available” after that I thought we should taste DOSA again he answered “Not ready yet” 😁😁 


Thanks for reading my useless travelling blog because Google map can help you better to find visiting places and their pics but honestly Google made us fool lot of times , be positive.

Pic credit – lenovo 6000+😂(believe me I am bad photographer)


© Confused Thoughts

100. Followers

Thanks for reading my blogs, please always do comment , likes does not matter . If you find any loophole then frankly do bad comment believe me I love critic .keep writing ,keep reading .

Thank you again 

And so much love for all WordPress bloggers . I am still learning . 

If you want to ask  any question about me , you can ask openly in comment box . 

प्रतिशोध की घडी

​ध्वज को तुम थाम लो,

शस्त्र तुम निकाल लो !

मिट्टी को बना मुकुट ,

मस्तकों पे धार लो !

प्रतिशोध की घड़ी है,

अब ये बात मन में ठान लो ||



जा युद्ध का आह्वान कर,

शत्रु को हैरान कर !

गूंज उठे शब्द  गगन में ,

ऐसा तू गुंजाल कर !

प्रतिशोध की घडी है ये 

आज बात मन में गाढ लो ||



कुछ वीरों का ध्यान कर ,

कुछ भागवत का सार पढ,

कुछ भाव ला क्रोध के!

आज अशोक को तू याद कर ,

यही घडी मिली है प्रतिशोध की!

आज बात मन में ठान ले||



युद्ध के लिए उठा ध्वजा ,

ढोल को आज जोर से बजा!

रथ को तू वधु जैसा सजा ,

जा शत्रुओं को दे सजा !

यही घडी है प्रतिशोध की,

आज मन में ठान ले||




आज ह्रदय को तू निकाल कर,

बाजुओं को ढाल कर,

तिलक लगा तू भाल पर !

रूप को विकराल कर ,

प्रतिशोध की घड़ी है अब !

आज निकल तू ये ठान कर||




युद्ध का आरम्भ कर ,

कुछ स्थिति प्रचंड़ कर !

देव को प्रणाम कर ,

धनुष पर तू बाण धर!

प्रतिशोध का आरम्भ कर ,

आज ह्रदय को बांध कर||




तरकश को तू धार ले ,

तलवार को साध ले !

लपट उठा दे रणभूमि में ,

कुछ ऐसा प्रमाण दे !

प्रतिशोध की अग्नि है ये ,

इसे वायु से विराट कर ||




आज वीर का प्रमाण दे ,

वीरता उभार दे !

यही घडी प्रतिशोध की ,

अब प्रेम को बिसार दे !

शत्रुओं के मस्तकों को ,

कृपाण से उतार दे ||
शत्रु को ललकार कर :-

“आ धूर्त मुझसे युद्ध कर ,

शक्ति है कितनी तुझमें ?

आ शौर्य को प्रदर्श कर !

तेरे रक्त को लालायित हूं ,

आ मुझे तू तृप्त कर ||


एक बार तो मुठभेड कर ,

आज तुझे कुछ ज्ञान दूंगा !

दो दो हाथ तो कर मुझसे ,

यहीं भूमि में गाढ दूंगा !

इतिहास की हस्ती क्या है ?

आज तेरा भूगोल बदल दूंगा !

प्रतिशोध की घड़ी है आज ,

सब अस्त व्यस्त कर दूंगा||

आज वायु को नया मोड दूंगा ,

सब वर्जनायें तोड़ दूंगा!

उतार मुंड धड़ तेरे,

हाथ पैर जोड दूंगा ||”



महाकाल का तू ध्यान धर ,

तांड़व सा तू नृत्य कर !

हाथ मैं त्रिशुल धर ,

सिर शत्रु के उतार धर !

आज तू ये पाप कर ,

मन में मृत्युंजय जाप कर !

प्रतिशोध की घड़ी है ये ,

मन में तू ना शोक कर ||




जन जन की पुकार है ,

राज्य में हाहाकार है!

शत्रु मस्तक पर सवार है,

अब युद्ध की गुहार है !

धनुष अब तू धार ले ,

प्रत्यंचा अब तू चढा ले !

तेरे कहर का शिकार होने,

वहां शत्रुओं की कतार हैं!

पराक्रम का प्रचार कर ,

पूर्वजों का मान रख!

ये प्रतिशोध की गुहार है||




विजय तेरे करीब है ,

शत्रु नेता करीब है !

जा इसे तू ललकार दे ,

गगन तक दहाड़ दे !

पल भर भी ना विचार कर,

मस्तक इसका उतार दे !

सिहर उठे भू हाहाकार से ,

शत्रुओं को नृशंस्य ताड़ दे!

प्रतिशोध की ज्वाला है ये ,

अब विजय से तू तार दे||



युद्ध अब विराम है,

शत्रु अब परेशान है !

सेना के साथ जो उछल रहा था ,

उसका धड भूमि पर पडा सुनसान है !

विलाप रहे हैं परिजन सबके ,

युद्ध भूमि में शोर घमासान है ||



जा विजय का आह्वान कर ,

पर नारियों का सम्मान कर !

कुछ मात्रभूमि पर गुमान कर ,

प्रतिशोध अब पूरा हुआ |

कुछ पल तो अब आराम कर|| 

© Confused Thoughts

कविता पढने के बाद प्रतिक्रिया अवश्य दें आपकी प्रतिक्रिया मुझे प्रेरित करती है !

Love Or Lust

Hello guys 

 i hope you all are doing well 

So let’s come to the point , as you know about my username confused thoughts, in real life I m so confused , I can’t decide what to do , what to write  so today again I am going to discuss some messy things . 

I heard very much about love , I am m honest , I have no experience about love or relationships so I can’t get the depth of topic , but I will try to find out some questions? Which always comes to my mind 

Question is : what is love or what is lust ? 

Today m not gonna discuss about all types of love because I can’t explain love in single blog  or I would like to say ” no one can give the proper explanation about love , no boundaries can cover up the height of love “

But main topic is youth love stories , today youth are very frank and they never feel hesitation About their relationships , they accept it publicly , generally I see the couple pics  on Instagram or fb or whatsapp , they also post their cuddle pic , kissing pics , lifting poses which seems very petty . I also feel very good about them when I see any couple . 

I read many quotes , many posts about love but one day  I got a new word which was LUST , word was totally new for me because I studied in boys school so I was totally unaware about relationships but I watched many love story based movies so I knew what is love , I tried to find out the word lust then I directly switched to Wikipedia and wiki told me definition like this “Lust is an emotion or feeling of intense desire in the body. The lust can take any form such as the lust for sex, lust for expensive objects (extravagance) or the lust for power. It can take such mundane forms as the lust for food as distinct from the need for food. Lust is a psychological force producing intense wanting for an object, or circumstance fulfilling the emotion.” – source (Wikipedia)

But looks like bookish definition as you know I am very curious person so I have to search on other sites also I discussed with some couples , finally I got something 

If someone have only sexual desires about anyone , it seems like above definition but I got another point which was love or lust

A girl discussed her story on Facebook 

” I was in love with a guy , he was very good by nature , he also cared me , I loved him very much , we were too close , one day he tried to have sex , it was fine for me because I thought that it will help us to increase the attachment so I did agree after having sex , he started ignoring me day by day after all finally he left me without reason now he is in love with other girl, I realize that he was not in love with me , he had lust for me “

After hearing this story I found the general meaning of lust .it means if anyone attract   to other one because of her/his beauty or perfection then  it is called lust  

I m still confused ,if we talk about the starting stage of love , when a boy notice a girl who look beautiful and pretty or may be her voice is too sweet , in other case girl is fashionable in other case girl is writer 😂 and boy feel magic in air and finally he become lover  , he follow her at every place after that he decide to propose her directly and tell her all feelings finally she reply back YES or NO . 

Now don’t you think it was lust (sorry I am mad because I have no experience😂😂😂) but I try to prove , boy firstly saw the beauty or any quality of that girl and after that he decided to propose her , it looks like the above definition of lust because no one can prove that guy dont have any sexual desire because he attracted with her because she is beautiful . Now leave it , it is useless thing 

Now talk about girl how  they give the response if someone propose to her , if boy is feminist , if boy looks attractive , if he is rich (m sorry girls , I am little bit stupid ),if boy have car , if boy is brilliant student , if boy is dancer , guitarist , in all cases she will say yes  to him (I am not talking about all , again I admit sorry )

Now comes to point if boy was only in love because of her beauty and she say yes because of his quality then I can easily put category love in the list of LUST . (Sorry discussion was all about youth relationships mostly I was talking about metro city people ) I know I haven’t discussed about category of lust as you know I have no idea 😂

So finally I am neutral I don’t know what is love what is lust . 


Thanks for reading my confused thoughts.


© Confused Thoughts

बंटवारा

पिता को गुजरे कुछ दिन ही गुजरे थे ,

बेटों ने किया फिर सम्पत्ति का मुआयना !

और अब आन पडा था बंटवारा |
कुछ लोग बाहर से बुलाये गये ,

 जमीनों के मूल्य आंक पर लगाये गये ,

क्योंकि अब आन पडा था बंटवारा|
कुछ चीजें बाप की कमाई हुईं थी,

कुछ चीजें मां ने सन्दूकों में छुपाई हुई थीं,

आज सबका हिस्सा होगा!

क्योंकि अब आन पडा है बंटवारा|
फिर क्या था जमीन को बाराबर बांटा गया,

हर चीज का बराबर मूल्य आंका गया ,

क्योंकि यही तो कहलाता है बंटवारा |
वो बूढी मां सब देख रही थी,

कभी बिलखती कभी मन ही मन मचल रही थी!

कुछ कसोट रहा था उसे मन ही मन में ,

जाने क्यों उसे भी नहीं रहा था ये बंटवारा|
मां कब तक  अपने अन्तर्मन पर काबू पाती?
अपने ह्र्दय के ज्वार भाटा को कब तक दबाती?

फिर बोली कुछ सकपकाकर !

ऐसे कहां पूरा हुआ बंटवारा?

जमीन और चीजें तो सब बांट ली तुमने ,

अब यादें बांटने कौन आयेगा?

जिन्दगी भर खिलाया था तुमको,

उसका हिसाब कौन चुकायेगा ?

मैं अब भी कहती हूं मत करो ये बंटवारा!
बेटे कुछ झुंझलाकर बोले !

मां हमको  जीने का हक नहीं है,

किया तो क्या किया उन्होने   हमारे लिए ?

क्या ?उनकी सम्पत्ति पर हमारा कोई हक नहीं है !

आज ना रोको मां हमारे लिए जरूरी है ये बंटवारा |
मां अब कुछ शांत हुई  फिर मन ही मन में बोली,

बंटवारे में मेरी ममता क्यों बाटते हो दुष्टो?

 क्यों खाली करते हो मेरी झोली ?

मिलकर खाने में दोष भी क्या था?

क्या? संग भी नहीं मना सकते दीपावली , होली!

फिर बोली , हाय इतना बुरा होता है ये बंटवारा !

हाय इतना बुरा है ये बंटवारा ||

—- © Confused Thoughts